
सुरेंंद्र मुनोत, ऐसोसिएट एडिटर
Key Line Times
डीडवाना-कुचामण (राजस्थान) ,राजस्थान के डीडवाना-कुचामण जिले के बोरावड़ में गुरुवार से जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता, भगवान महावीर के प्रतिनिधि, अखण्ड परिव्राजक, युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी की पावन सन्निधि में तेरापंथ धर्मसंघ के महनीय आयोजन ‘वर्धमान महोत्सव’ का भव्य एवं आध्यात्मिक रूप में शुभारम्भ हुआ। इसके पूर्व बोरावड़ की धरा गुरुवार को आध्यात्मिक आलोक से जगमगा रही थी। सांप्रदायिक भेदभाव विलुप्त था। बोरावड़ का मानों प्रत्येक मानव मानवता के मसीहा के दर्शन व अभिनंदन को लालायित था। आसमान में चढ़ते सूर्य के साथ-साथ लोगों का उत्साह, उमंग और उल्लास भी चरमोत्कर्ष की ओर था। वहीं सूर्योदय के कुछ समय पश्चात जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान देदीप्यमान महासूर्य युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी अपनी धवल सेना के साथ मकराना से गतिमान हुए। बोरावड़ मकरानावासी आध्यात्मिक कृपा से अभिभूत होकर कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे थे तो बोरावड़वासी अपने आराध्य की अभिवंदना में पलक-पांवड़े बिछाए खड़े थे। जैसे-जैसे आचार्यश्री अपनी धवल सेना के साथ बोरावड़ के निकट होते जा रहे थे, श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ता जा रहा था। स्थानीय विधायक श्री जाकिर हुसैन गैसावत आज भी आचार्यश्री की अभिवंदना में उपस्थित थे। वे आचार्यश्री के साथ आज के विहार के दौरान भी पूरे मार्ग में प्रायः साथ चले। बोरावड़ में आचार्यश्री लगभग सौ से अधिक साधु-साध्वियों के साथ प्रविष्ट हुए तो बोरवाड़वासियों ने अपने आराध्य का भावभीना स्वागत किया। सर्व समाज के लोगों की उपस्थिति से जुलूस इतना विशाल हो गया था कि एक किलोमीटर से भी ज्यादा का मार्ग जनाकीर्ण बना हुआ था। चारों ओर श्रद्धा का सैलाब नजर आ रहा था। सबके श्रद्धाभावों को स्वीकार करते और अपने दोनों करकमलों से आशीष बांटते हुए आचार्यश्री भव्य स्वागत जुलूस के साथ करीब आठ किलोमीटर का विहार सुसम्पन्न कर बोरावड़ में स्थित कस्तूरबागांधी बालिका आवासीय विद्यालय में पधारे। इसके साथ ही आचार्यश्री वर्ष
2026 के प्रथम संघीय आयोजन वर्धमान महोत्सव के लिए बोरावड़ में मंगल प्रवेश हो गया। इसी परिसर में बने भव्य वर्धमान महोत्सव समवसरण में विशाल जनमेदिनी युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी की मंगल वाणी का श्रवण करने को उत्सुक थी। महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी के मंगल महामंत्रोच्चार से वर्धमान महोत्सव का शुभारम्भ हुआ। तेरापंथी सभा-बोरावड़ के अध्यक्ष श्री नेमिचंद गेलड़ा ने अपनी श्रद्धाभिव्यक्ति दी। जैन तेरापंथ महिला मण्डल-बोरावड़ ने स्वागत गीत का संगान किया। क्षेत्रीय विधायक श्री जाकिर हुसैन गैसावत ने मानवता के मसीहा के अभिनंदन में अपनी श्रद्धाभिव्यक्ति देते हुए कहा कि युगपुरुष आचार्यश्री महाश्रमणजी मकराना से बोरावड़ में पधारे हैं। मैं आपका बहुत-बहुत स्वागत एवं अभिनंदन करता हूं। हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि वर्धमान महोत्सव के लिए आप यहां पधारे हैं। बोरावड़ के पूर्व प्रधान श्री हिम्मतसिंह राजपुरोहित ने बोरावड़ की ओर से अभिनंदन पत्र का वाचन किया। विधायक व बोरवाड़वासियों ने युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी को अभिनन्दन पत्र समर्पित किया। आचार्यश्री ने इस संदर्भ में मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। साध्वीवर्या सम्बुद्धयशाजी ने अपने संबोधन में बोरावड़वासियों को मंगल प्रेरणा प्रदान की।युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी ने अपने मंगल सद्बोधन में कहा- ‘वर्धमान बनो। साधु को ज्ञान, दर्शन, चारित्र और क्षांति और मुक्ति में वर्धमान होने का प्रयास होना चाहिए। इस वर्ष हम वर्धमान महोत्सव के लिए बोरावड़ में आए हैं। इन कुछ वर्षों में वर्धमान महोत्सव आयोजित होता है। यह महोत्सव मानों मर्यादा महोत्सव की पृष्ठभूमि में यह आयोजन होता है। यह नाम गरिमापूर्ण इसलिए भी है कि इस पद्य में भगवान महावीर का पूर्व नाम वर्धमान जुड़ जाता है। अच्छी दिशा में वर्धमान होना बहुत अच्छी बात होती है। संख्या की दृष्टि से भी हमारा यह समुदाय बढ़ता रहे। साधु-साध्वी, समणी, मुमुक्षु समुदाय है। श्रावक-श्राविकाओं की दृष्टि से भी प्रवर्धमान रहे। संख्या की वर्धमानता भी हो तो बहुत अच्छी बात है। चतुर्मास के बाद गुरुकुलवास में साधु-साध्वियों व समणियों का आगमन होता है तो गुरुकुलवास की संख्या बढ़ जाती है। इसलिए भी वर्धमान महोत्सव की वर्धमानता का एक प्रसंग बन जाता है। धर्मसंघ में संख्या साधु-साध्वियों व समणियों की संख्या बढ़े, यह मुख्य बात होती है। इसके लिए मुमुक्षुओं की संख्या बढ़नी चाहिए। इस बार का वर्धमान महोत्सव बोरावड़ में आज से त्रिदिवसीय वर्धमान महोत्सव का आयोजन हो रहा है। गुणवत्ता की दृष्टि से भी वर्धमानता अपेक्षित है। ज्ञान का खूब विकास हो। श्रुत का जितना अच्छा विकास होता रहे। ज्ञान के विकास के लिए प्रज्ञा और प्रतिभा की अपेक्षा भी होती है। प्रज्ञा, प्रतिभा हो और फिर प्रयास हो, स्वाध्याय किया जाए तो ज्ञानात्मक चेतना का अच्छा विकास हो सकता है। बोरावड़ की जनता में और हमारे श्रावक-श्राविकाओं में भी खूब अच्छा विकास होता रहे। यहां के लोगों में भी अच्छी चेतना बनी रहे। आचार्यश्री के मंगल प्रवचन के उपरान्त तेरापंथ कन्या मण्डल ने अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति दी। तेरापंथ महिला मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती भारती कोटेचा ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी। ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने अपनी प्रस्तुति दी।

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