।।
सुरेंद्र मुनोत, ऐसोसिएट एडिटर
Key Line Times
सरदारशहर परिषद कोलकाता के एतिहासिक होलीकोत्सव
1 मार्च को शहनाई गार्डन में
महिलाओं का अलबेला पणिहारी उत्सव – मटकी नृत्य में golden book of records में हुआ सरदारशहर परिषद कोलकाता का नाम दर्ज
अलबेला पणिहारी उत्सव मे लगभग 200 बहिनों ने राजस्थानी वेश में मटकी नृत्य से सरदारशहर महिला विंग ने golden book of world record में नाम दर्ज कराया ।यह अपने आप में अलबेला था जो पहली बार कोलकाता में हुआ और कोलकाता ही नहीं पूरे मारवाड़ी समाज में चर्चा का विषय बना तथा इस रिकोर्ड हेतु प्रोत्साहन देने महिला समाज का गौरव सन्मार्ग की डायरेक्टर श्रीमती रुचिका गुप्ता स्वयं पधारी ।यह भी गौरव का विषय रहा.
कर्मठ अध्यक्ष बाबुलालजी बोथरा के निर्देशन में यह कार्यक्रम लगभग 1500 लोगों की उपस्थिति में शानदार होलीकोत्सव बन गया ।
इस कार्यक्रम में सिलिगुड़ी से सरदार शहर के गौरव प्रशासनिक व्यक्तित्व दिलीप जी दूगड़ ने उपस्थित होकर शोभा को द्विगुणित करदी । समारोह अध्यक्ष श्री सुशील जी अग्रवाल का योगदान सच में तारिफे काबिल था , इस कार्यक्रम में रंगीली फौज व राजेश सादानी, फिरोज एंड म्युजिकल ग्रुप सरदारशहर ने जबरदस्त गीत संगीत के कार्यक्रम की प्रस्तुति दी । कार्यक्रम को सुव्यवस्थित संचालित करने में स्वर्ण जयन्ती संयोजक श्री संजय जी दूगड़ एवं डॉ सूरज बरडिया का श्रम व सूझबूझ सराहनीय थी.
मंत्री श्री दिनेश चोरड़िया
मुख्य संयोजक श्री दिलीप जी बरडिया,श्री संदीप चिंडालिया व संजय जी सिंघी ने सबका स्वागत किया । स्वागताध्यक्ष श्री रतन जी दूगड़ ने सक्रियता का परिचय दिया ।सहसंयोजक श्री सुनील दूगड़ ,श्री अमित तातेड , श्री प्रभात बैद , श्री अमर चन्द दूगड़ ,श्री बाबूलाल शामसुखा ने अथक परिश्रम किया । यूथ विंग संयोजक श्री पंकज बैद ने बेहद मेहनत कर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महिला विंग की संयोजिका सुनीता कर्णेश सेठिया व उर्मिला दूगड़ के साथ पूरी महिला टीम की सक्रियता देखने लायक थी ।
महिला विंग के नेतृत्व में जो पणिहारी उत्सव किया गया ।जो 200 बहिनों ने मटकी नृत्य करके गोलडन बुक आफ रिकार्ड बनाया उसे सफल बनाने में गत पन्द्रह दिनों से तैयारियां चल रही थी । हांडी मेडल व दुप्पटे से सम्मान करने में पूरी महिलाएं जुड़ी हुई थी ।
इसमें जीतो लेडिज विंग चेयर पर्सन डॉ सुनीता सेठिया अपनी टीम के साथ उपस्थित थीं । इसके अलावा अनेक संस्थाओं के पदाधिकारियो ने उपस्थित होकर शोभा बढ़ाई । श्री हमीर मल जी सेठिया,
श्री बाबुलालजी डागा ,श्री उम्मेद जी सेठिया ,श्री मनोज चिंडालिया,का अथक परिश्रम रंग लाया ।
इस कार्यक्रम में सभी पुर्वाध्यक्ष व पूरी आयोजन समिति,स्वागत समिति व कार्यसमिति ने मिल कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया
।
कोलकाता के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्ति वहां उपस्थित हुये ।सभी के प्रति सादर आभार ज्ञापित किया गया ।सभी आगंतुक महानुभावो व उदारमना सहयोगी परिवारों का डफ व दुप्पटे से स्वागत किया गया था.
इस कार्यक्रम में बहुरंगी कार्यक्रम हुये परन्तु पणिहारी उत्त्सव अपने आप में अलबेला बन गया , बंगाल ही नहीं राजस्थानी संस्कृति में भी पहली बार हुआ जो विश्व रिकॉर्ड में कीर्तिमान बन गया ।इसकी पूरी रुपरेखा संस्था की उपाध्यक्ष डॉ सूरज बरडिया ने बनाई ।वह पूरी योजना को व्यवस्थित रूप देकर अविस्मरणीय भूमिका निभाई।उनके निर्देशन मे महिला विंग की बहिनो की बड़ी टीम ने उसको सार्थक बनाया ।इसकी तैयारियां पिछले एक माह से चल रही थी । कोलकाता के विभिन्न क्षेत्रो में मटकी नृत्य छोटे उत्सव किये गये ।इसमें सरदारशहर की महिलाओं की बड़ी टीम ने काम किया ।जिसमे विशेष तौर से व्यवस्था में सहयोगी रही श्रीमती कुसुम चिंडालिया ,तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में डा सुनीता सेठिया श्रीमती संगीता बैद,श्रीमती सुमन पींचा,श्रीमती पुखराज सेठिया ,श्रीमती मोनिका चिंडालिया,श्रीमती सरिता सरिता बोथरा योगभूत बनी । विशेष उल्लेखनीय श्रम किया श्रीमती नीलम चोरड़िया।श्रीमती प्रभा तातेड,श्रीमती मोनिका कोठारी,श्रीमती रचना गांधी,श्रीमती नीतू कोठारी ,श्रीमती बबीता दुगड़,श्रीमती अंजना बैद ।श्रीमती मधु सिंघी, शर्मिला बैद ने जिनके साथ व सजगता से विश्व रिकॉर्ड की सफलता मिली
कार्यक्रम को सुव्यवस्थित संपादित करने में श्रीमती अरुणा शाम सुखा,श्रीमती शशि सेठिया ,श्रीमती कनक संचेती ,
श्रीमती पिंकी सेठिया ,का श्रम आदरणीय था । पणिहारी नृत्य में भाग लेने वाली सभी महिलाओं को मेडल से सम्मानित किया गया ।
इस पणिहारी उत्सव में जीतो इंटरनेशनल के,तेरापथ महिला मंडल साउथ हावड़ा ,तेरापंथ महिला मंडल पुर्वांचल,के अध्यक्ष व मंत्री तथा सिद्धायतन , एलायंस,लायन्स,आदि अनेक संस्थाओं की महिला पदाधिकारी उपस्थित थीं ।सभी को हार्दिक साधुवाद।।

राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रतजी ने गोंडलविहिर गांव में वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया 