
राजस्थान, श्रीडूंगरगढ़ श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के सत्र 2026-2028 के अध्यक्ष पद पर सुशीला पुगलिया निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। रविवार को तेरापंथ भवन, धोलिया नोहरा में आयोजित आमसभा में मुख्य चुनाव अधिकारी निर्मल कुमार डागा ने उनके निर्वाचन की आधिकारिक घोषणा की।
अध्यक्ष पद के लिए कुल पांच नामांकन प्राप्त हुए थे। इनमें सुशीला पुगलिया, सुमति पारख, छतरसिंह बोथरा, प्रदीप पुगलिया और संजय पुगलिया शामिल थे। नामांकन प्रक्रिया के दौरान सुमति पारख ने गुरु इंगित को शिरोधार्य करते हुए अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद छतरसिंह बोथरा, प्रदीप पुगलिया और संजय पुगलिया ने भी वरिष्ठजनों की समझाइश और आपसी सहमति से अपने नामांकन वापस ले लिए।
27 मई तक चारों प्रत्याशियों के नामांकन वापस हो जाने से सुशीला पुगलिया एकमात्र उम्मीदवार रह गई थीं। आमसभा में सहायक चुनाव अधिकारी कांति कुमार पुगलिया ने सदन को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद मुख्य चुनाव अधिकारी ने उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया। गौरतलब है कि सुशीला/सीता पुगलिया का निरन्तर यह दूसरा कार्यकाल है और दोनों ही बार निर्विरोध निर्वाचित हुई है।।
नव निर्वाचित सुशीला पुगलिया ने आचार्य महाश्रमण को वंदन करते हुए पूरे समाज का आभार जताया और संघ व संघपति की सेवा में स्वयं को नियोजित करते हुए संस्था व समाज के विकास में स्वयं को सदैव प्रस्तुत रखने की बात कही।
इससे पूर्व आम सदन में मंत्री प्रदीप पुगलिया ने मंत्री प्रतिवेदन का वाचन किया। गत बैठक का वाचन किया गया और हिसाब सदन में रखा गया। इसके बाद आगे निर्वाचन की कार्यवाही के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी को कार्यभार सौंपा गया।
घोषणा होते ही सभा में उपस्थित सदस्यों ने ‘ॐ अर्हम’ की मंगलध्वनि के साथ उनका स्वागत किया और बधाई दी। ओम अर्हम की ध्वनि से गुजा सदन।इस अवसर पर समाज के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।। मुख्य निर्वाचन अधिकारी निर्मल डागा ने सोपा सुशीला/सीता पुगलिया को सोपा नियुक्ति पत्र। श्रावक वरिष्ठ पत्रकार राजू हीरावत ने बताया कि कोलकाता सहित समाज की संस्थाओं की और से भी अध्यक्ष बनने पर हार्दिक बधाई दी है। आशा व्यक्त कि आपके कार्य काल में समाज हित में और भी काम होगेऔर नये आयाम स्थापित होंगे। उल्लेखनीय है। कि सुशीला/सीता पुगलिया भामाशाह राजस्थान गोरव भीखम चद पुगलिया की धर्म पत्नी है।

