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July 25, 2026

Key line times

Key Line Times राष्ट्रीय हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र है जो राजधानी दिल्ली से प्रकाशित होता है एंव भारत सरकार के सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आर.एन.आई. से रजिस्ट्रड है। इसका आर.एन.आई.न. DELHIN/2017/72528 है। यह समाचार पत्र 2017 से लगातार प्रकाशित हो रहा है।
सेवा भारती समिति एवं नवरात्रि नवयुवक मंडल के तत्वावधान में कन्या पूजन किया गया….. बिजयनगर सतीशचंद लुणावत,जिला संवाददाता अजमेर राजस्थान, Key Line Times सेवा भारती समिति बिजयनगर के द्वारा भव्य पूजन कार्यक्रम नवरात्रि नवयुवक मित्र मंडल शिवाजी नगर के संयुक्त तत्वाधान में गरबा पाण्डाल इंदिरा कॉलोनी में किया गया जिसमें विधि विधान से 80 से अधिक मातृस्वरूपा कन्याओं का पूजन हुआ । विदित है कि सेवा भारती ने हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कन्या पूजन किया।समिति सदस्यों, बस्ती के 7 जोड़ो व उपस्तिथ प्रबुद्धजनों-मातृ शक्ति ने सर्वप्रथम कन्याओं के पैर धुलवाकर उनके रोली कुमकुम का तिलक कर चुनरी भेंट की ।उनका मुँह मीठा करवाकर उपहार दिया गया।पूजन के अंत मे महा आरती का आयोजन किया गया जिसमे प्रत्येक उपस्थित बंधु व भृगनी ने सामूहिक आरती कर माँ दुर्गास्वरूपा कन्याओं की आराधना की। अंत मे उपस्थित सभी को प्रसाद का वितरण किया गया।पूजन में 200 से अधिक बस्ती वासी उपस्तिथ थे।इसप्रकार का पुनीत कार्य पहली बार भव्य रूप में पाण्डाल में किया गया।जिसकी बस्तीवासियों ने भूरी भूरी प्रसंशा की है।पूजन में सेवा भारती के लोकेश वर्मा,लक्ष्मण लाल शर्मा,सूर्यप्रकाश बगेरवाल , सतीश मेघवाल,विश्वेश्वर शर्मा,ज्ञानदेव व्यास,कैलाश बैरवा,पूजा शर्मा ने कार्यक्रम में सहयोग करवाया।कार्यक्रम के अंत मे नवरात्रि नवयुवक मित्र मंडल द्वारा सभी समिति सदस्यों का उपरणा भेट कर अभिनंदन किया गया।

सेवा भारती समिति एवं नवरात्रि नवयुवक मंडल के तत्वावधान में कन्या पूजन किया गया….. बिजयनगर सतीशचंद लुणावत,जिला संवाददाता अजमेर राजस्थान, Key Line Times सेवा भारती समिति बिजयनगर के द्वारा भव्य पूजन कार्यक्रम नवरात्रि नवयुवक मित्र मंडल शिवाजी नगर के संयुक्त तत्वाधान में गरबा पाण्डाल इंदिरा कॉलोनी में किया गया जिसमें विधि विधान से 80 से अधिक मातृस्वरूपा कन्याओं का पूजन हुआ । विदित है कि सेवा भारती ने हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी कन्या पूजन किया।समिति सदस्यों, बस्ती के 7 जोड़ो व उपस्तिथ प्रबुद्धजनों-मातृ शक्ति ने सर्वप्रथम कन्याओं के पैर धुलवाकर उनके रोली कुमकुम का तिलक कर चुनरी भेंट की ।उनका मुँह मीठा करवाकर उपहार दिया गया।पूजन के अंत मे महा आरती का आयोजन किया गया जिसमे प्रत्येक उपस्थित बंधु व भृगनी ने सामूहिक आरती कर माँ दुर्गास्वरूपा कन्याओं की आराधना की। अंत मे उपस्थित सभी को प्रसाद का वितरण किया गया।पूजन में 200 से अधिक बस्ती वासी उपस्तिथ थे।इसप्रकार का पुनीत कार्य पहली बार भव्य रूप में पाण्डाल में किया गया।जिसकी बस्तीवासियों ने भूरी भूरी प्रसंशा की है।पूजन में सेवा भारती के लोकेश वर्मा,लक्ष्मण लाल शर्मा,सूर्यप्रकाश बगेरवाल , सतीश मेघवाल,विश्वेश्वर शर्मा,ज्ञानदेव व्यास,कैलाश बैरवा,पूजा शर्मा ने कार्यक्रम में सहयोग करवाया।कार्यक्रम के अंत मे नवरात्रि नवयुवक मित्र मंडल द्वारा सभी समिति सदस्यों का उपरणा भेट कर अभिनंदन किया गया।

नवरात्रि पर्व के पर दुर्गा वाहिनी ने निकाला पथ संचलन ….सतीश चंद लुणावत, जिला संवाददाता अजमेर बिजयनगर दुर्गा वाहिनी सदस्याओं ने श्वेत वस्त्र व केसरिया साफा व दुपट्टा ओढ़े परिवेश में शस्त्रो के साथ पथ संचलन निकाला । विश्व हिन्दू परिषद व मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी प्रखंड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दुर्गा वाहिनी पथ संचलन का शुभारंभ तेजा चौक स्थित त्रिवेणी माताजी मंदिर से शुरू हुआ। पथ संचलन मुख्य मार्गों से होकर होटल एन चंद्रा पहुंचा। पथ संचलन में मातारानी की झांकियो के साथ निकाला । इस संचलन में दुर्गा वाहिनी की अतिथि के रुप में पालिकाध्यक्ष अनिता मेवाड़ा, समाजसेवी आशीष सांड, बाड़ी माताजी तीर्थ धाम की मुख्य उपासिका कृष्णा टाक थे। दुर्गा वाहिनी सदस्याओं ने भारतीय मातृशक्ति का जज्बा प्रदर्शित करते हुए दुर्गा वाहिनी सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। इस दौरान दुर्गा वाहिनी विभाग की अजमेर विभाग संयोजिका पूजा साहू, क्षेत्रीय संयोजिका अभिलाषा यादव, प्रखंड संयोजिका तमन्ना, विश्व हिन्दू परिषद के जिला उपाध्यक्ष धनराज कांवड़या, प्रखंड अध्यक्ष अरुण शर्मा, महेन्द्र शर्मा, रुपसिंह, किशन सिंह के अलावा दुर्गा वाहिनी की मधु चौहान, अन्नपूर्णा चौहान, योगिता शर्मा, गवरी देवी, देवकी तोलानी, वंदना, गीता सोनगरा सहित अन्य सदस्याओं ने हिस्सा लिया।

नवरात्रि पर्व के पर दुर्गा वाहिनी ने निकाला पथ संचलन ….सतीश चंद लुणावत, जिला संवाददाता अजमेर बिजयनगर दुर्गा वाहिनी सदस्याओं ने श्वेत वस्त्र व केसरिया साफा व दुपट्टा ओढ़े परिवेश में शस्त्रो के साथ पथ संचलन निकाला । विश्व हिन्दू परिषद व मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी प्रखंड के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दुर्गा वाहिनी पथ संचलन का शुभारंभ तेजा चौक स्थित त्रिवेणी माताजी मंदिर से शुरू हुआ। पथ संचलन मुख्य मार्गों से होकर होटल एन चंद्रा पहुंचा। पथ संचलन में मातारानी की झांकियो के साथ निकाला । इस संचलन में दुर्गा वाहिनी की अतिथि के रुप में पालिकाध्यक्ष अनिता मेवाड़ा, समाजसेवी आशीष सांड, बाड़ी माताजी तीर्थ धाम की मुख्य उपासिका कृष्णा टाक थे। दुर्गा वाहिनी सदस्याओं ने भारतीय मातृशक्ति का जज्बा प्रदर्शित करते हुए दुर्गा वाहिनी सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। इस दौरान दुर्गा वाहिनी विभाग की अजमेर विभाग संयोजिका पूजा साहू, क्षेत्रीय संयोजिका अभिलाषा यादव, प्रखंड संयोजिका तमन्ना, विश्व हिन्दू परिषद के जिला उपाध्यक्ष धनराज कांवड़या, प्रखंड अध्यक्ष अरुण शर्मा, महेन्द्र शर्मा, रुपसिंह, किशन सिंह के अलावा दुर्गा वाहिनी की मधु चौहान, अन्नपूर्णा चौहान, योगिता शर्मा, गवरी देवी, देवकी तोलानी, वंदना, गीता सोनगरा सहित अन्य सदस्याओं ने हिस्सा लिया।

अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का अन्तिम दिन मनाया गया जीवनविज्ञान दिवस के रूप में…. कुसुम लुनिया 7-10-2024 शाहदरा, दिल्ली अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी द्वारा उद्घोषित, अणुव्रत विश्व भारती द्वारा निर्देशित अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अन्तिम दिन जीवन विज्ञान दिवस पर विचार व्यक्त करते हुए विदुषी साध्वी श्री संगीत श्री जी ने कहा कि जीवन विज्ञान के रूप में आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी ने मानवता की जडों को सिंचन का अभिनव प्रयोग दिया। आचार- विचार- संस्कार के परिष्कार की परिकल्पना प्रस्तुत की।इस के द्वारा अणुव्रत के छोटे छोटे नियमों से संकल्पित होकर, प्रेक्षाध्यान से दिमाग को प्रशिक्षित करके विधार्थियों का सर्वागींण विकास किया जा सकता है।इस प्रकार जीवन विज्ञान जीवन जीने की कला है । आगम वाचन करते हुए आपने कहा कि अणुव्रत की मूल आत्मा संयम है। संयम की साधना बहुत उपयोगी होती है, हम संयम किसका करें? आहार का, विचारों का ,चलने का, फिरने का, बोलने का और अब तो मोबायल उपयोग काभी संयम जरूरी है।शाहदरा सभा के चातुर्मास स्थल ओसवाल भवन विवेक विहार में श्रद्धालुओं को अनुष्ठान के पश्चात साध्वीश्री जी के इन विचारो से परीषद पल्लवित हो गई। साध्वी श्री कमलविभा जी ने कहा कि कलापूर्ण जीवन जीने का नाम ही जीवन विज्ञान है। सभी क्रियाएं हमारे मस्तिष्क से संचालित होती है। रीजनिंग मांइड बुद्धि का विकास करता है और इमोशनल माईडं चरित्र को शुद्ध करता है।जीवन में सफलता पाने के लिए दोनो मस्तिष्क का संतुलन आवश्यक है। जीवन विज्ञान हमारी शारीरिक मानसिक व भावनात्मक विकास का महत्वपूर्ण उपक्रम है। अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह की राष्ट्रीय संयोजिका डॉ कुसुम लुनिया ने इस अवसर पर बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अविनाश जी नाहर एवं महामंत्री श्री भीखम सुराणा के मार्गदर्शन में सहसंयोजकों के सहयोग और अणुव्रत कार्यकर्ताओ के समर्पण से भारत और नेपाल में सैकडों स्थानो पर हजारों कार्यकर्ताओं ने अपने श्रम का सफल नियोजन किया और लाखों लोग लाभान्वित हुए और विगत छह दिनों का सफल आयोजन हुआ। डॉ. लुनिया ने आगे बताया कि जीवन विज्ञान एक ऐसी विधा है जिसके माध्यम से बच्चों का भावनात्मक पक्ष मजबूत करके उनके सर्वागींण व्यक्तित्व विकास का मार्ग प्रशस्त किया जासकता है।आचार्य महाप्रज्ञ द्वारा विकसित इस विधा का अणुविभा के जीवन विज्ञान विभाग के पास पुरा कोर्स बना हुआ है।सैंकडों सर्टिफाई प्रशिक्षक हैं, इनके द्वारा हजारों विधालयों व लाखों विधार्थियों मे सफल प्रयोग हो रहे हैं। इस अवसर जैन श्वे. तेरापंथ सभा शाहदरा अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंघी, मंत्री श्री सुरेश भंसाली, सहमंत्री श्री महेन्द्र चोरडिया ,ओसवाल समाज के अध्यक्ष श्री आनन्द बुच्चा एवं भारतभूषण जी सिंघल की विशेष उपस्थिति रही। विशेष ज्ञातव्य रहे कि साध्वीश्री संगीत श्री जी, साध्वीश्री शान्तिप्रभाजी, साध्वीश्री कमल विभाजी और साध्वीश्री मुदिताश्री जी चारो साध्वियां वर्षो से संयम आधारित एकान्तर तप का प्रयोग करते हुए जनता को प्रतिबोधित कर रही हैं।

अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का अन्तिम दिन मनाया गया जीवनविज्ञान दिवस के रूप में…. कुसुम लुनिया 7-10-2024 शाहदरा, दिल्ली अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण जी द्वारा उद्घोषित, अणुव्रत विश्व भारती द्वारा निर्देशित अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अन्तिम दिन जीवन विज्ञान दिवस पर विचार व्यक्त करते हुए विदुषी साध्वी श्री संगीत श्री जी ने कहा कि जीवन विज्ञान के रूप में आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी ने मानवता की जडों को सिंचन का अभिनव प्रयोग दिया। आचार- विचार- संस्कार के परिष्कार की परिकल्पना प्रस्तुत की।इस के द्वारा अणुव्रत के छोटे छोटे नियमों से संकल्पित होकर, प्रेक्षाध्यान से दिमाग को प्रशिक्षित करके विधार्थियों का सर्वागींण विकास किया जा सकता है।इस प्रकार जीवन विज्ञान जीवन जीने की कला है । आगम वाचन करते हुए आपने कहा कि अणुव्रत की मूल आत्मा संयम है। संयम की साधना बहुत उपयोगी होती है, हम संयम किसका करें? आहार का, विचारों का ,चलने का, फिरने का, बोलने का और अब तो मोबायल उपयोग काभी संयम जरूरी है।शाहदरा सभा के चातुर्मास स्थल ओसवाल भवन विवेक विहार में श्रद्धालुओं को अनुष्ठान के पश्चात साध्वीश्री जी के इन विचारो से परीषद पल्लवित हो गई। साध्वी श्री कमलविभा जी ने कहा कि कलापूर्ण जीवन जीने का नाम ही जीवन विज्ञान है। सभी क्रियाएं हमारे मस्तिष्क से संचालित होती है। रीजनिंग मांइड बुद्धि का विकास करता है और इमोशनल माईडं चरित्र को शुद्ध करता है।जीवन में सफलता पाने के लिए दोनो मस्तिष्क का संतुलन आवश्यक है। जीवन विज्ञान हमारी शारीरिक मानसिक व भावनात्मक विकास का महत्वपूर्ण उपक्रम है। अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह की राष्ट्रीय संयोजिका डॉ कुसुम लुनिया ने इस अवसर पर बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अविनाश जी नाहर एवं महामंत्री श्री भीखम सुराणा के मार्गदर्शन में सहसंयोजकों के सहयोग और अणुव्रत कार्यकर्ताओ के समर्पण से भारत और नेपाल में सैकडों स्थानो पर हजारों कार्यकर्ताओं ने अपने श्रम का सफल नियोजन किया और लाखों लोग लाभान्वित हुए और विगत छह दिनों का सफल आयोजन हुआ। डॉ. लुनिया ने आगे बताया कि जीवन विज्ञान एक ऐसी विधा है जिसके माध्यम से बच्चों का भावनात्मक पक्ष मजबूत करके उनके सर्वागींण व्यक्तित्व विकास का मार्ग प्रशस्त किया जासकता है।आचार्य महाप्रज्ञ द्वारा विकसित इस विधा का अणुविभा के जीवन विज्ञान विभाग के पास पुरा कोर्स बना हुआ है।सैंकडों सर्टिफाई प्रशिक्षक हैं, इनके द्वारा हजारों विधालयों व लाखों विधार्थियों मे सफल प्रयोग हो रहे हैं। इस अवसर जैन श्वे. तेरापंथ सभा शाहदरा अध्यक्ष श्री राजेन्द्र सिंघी, मंत्री श्री सुरेश भंसाली, सहमंत्री श्री महेन्द्र चोरडिया ,ओसवाल समाज के अध्यक्ष श्री आनन्द बुच्चा एवं भारतभूषण जी सिंघल की विशेष उपस्थिति रही। विशेष ज्ञातव्य रहे कि साध्वीश्री संगीत श्री जी, साध्वीश्री शान्तिप्रभाजी, साध्वीश्री कमल विभाजी और साध्वीश्री मुदिताश्री जी चारो साध्वियां वर्षो से संयम आधारित एकान्तर तप का प्रयोग करते हुए जनता को प्रतिबोधित कर रही हैं।

अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का अंतिम दिन जीवन विज्ञान दिवस के रूप में समायोजित….सुरेंद्र मुनोत, ऐसोसिएट एडिटर, Key Line Times वेसु, सूरत (गुजरात) , गुजरात राज्य के औद्योगिक शहर सूरत में जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अधिशास्ता, अहिंसा यात्रा प्रणेता, युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी का चतुर्मास अब भले ही पूर्णता की ओर अग्रसर हो रहा है, किन्तु सूरतवासियों की भक्तिभावना और मानों प्रबलता को प्राप्त हो रही है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु सूर्योदय से पूर्व ही अपने आराध्य की निकट सन्निधि में उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करते हैं, जो क्रम देर रात तक चलता रहता है। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से संघबद्ध रूप में अभी भी दर्शनार्थियों के आने का तांता लगा हुआ है। वर्तमान में पूरे विश्व में शक्ति की आराधना का महापर्व नवरात्र प्रारम्भ तो आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में आध्यात्मिक अनुष्ठान का क्रम गतिमान है। इस क्रम में सोमवार को भी युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी महावीर समवरण में उपस्थित भक्तिमान श्रद्धालु जनता को अपनी अमृतवाणी का रसपान कराने से पूर्व आध्यात्मिक अनुष्ठान से जोड़ा, जो क्रम लगभग आधे घंटे तक चला। तदुपरान्त अहिंसा यात्रा प्रणेता आचार्यश्री महाश्रमणजी ने समुपस्थित जनता को पावन प्रतिबोध प्रदान करते हुए कहा कि आयारो आगम में बताया गया है कि तुच्छ कौन होता है? जो नीच, हल्का अथवा जिसमें कमी होती है, वह तुच्छ होता है। जिस गृहस्थ के पास धन का अभाव होता है, वह तुच्छ हो सकता है तो दूसरी ओर जिस साधु में साधना की कमी होती है, वह तुच्छ हो सकता है। जो तुच्छ होता है, वह बोलने में भी ग्लानि का अनुभव करता है। तीर्थंकरों की आज्ञा का पालन नहीं करने वाला साधु तुच्छता की श्रेणी में आ जाता है। आचार का पालन करने वाले साधु की वाणी में भी मानों साधना मुखर होती है। ज्ञानी और साधक होना बहुत अच्छी बात होती है। इसके लिए यहां प्रेरणा दी गयी कि जीवन में सम्यक् ज्ञान के साथ सम्यक् आचार भी हो तो विशेष बात हो सकती है। ज्ञान, दर्शन, चारित्र और तप रूपी चतुरंगी मार्ग है, जिसे तीर्थंकरों ने प्राप्त किया है। ज्ञान से जानता है, दर्शन से श्रद्धा करता है, चारित्र से कर्मों का निग्रह करता है और तप से विशोधि करता है। सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन, सम्यक् चारित्र मोक्ष का मार्ग है। अणुव्रत अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी ने अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतिम दिन उपस्थित जनता को प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि हमारे गुरुदेव आचार्यश्री तुलसी ने अणुव्रत आन्दोलन का शुभारम्भ किया था। उसका पचहत्तरवां वर्ष भी मना लिया गया है। आज अंतिम दिन जीवन विज्ञान दिवस के समायोजित है। यह शिक्षा जगत के लिए है। शिक्षा में ज्ञान बढे तो यह तो अच्छी बात होती ही है, इसके शिक्षा संस्कारों से युक्त हो तो बहुत ही सुन्दर बात हो सकती है। जीवन कैसे जीना, श्वास कैसे लेना, चलना, बोलना, बैठना, व्यवहार करना आदि सभी में कलात्मक रूप में हो। विद्यार्थियों में भाव और विचार अच्छे हों, इसका प्रयास हो। जीवन सादगी और संयम से युक्त हो। सद्विचार और सदाचार जीवन में आ गया तो जीवन का विज्ञान जीवन में आ सकता है। आचार्यश्री ने समुपस्थित विद्यार्थियों को सद्भावना, नैतिकता व नशामुक्ति की प्रेरणा देते हुए इनके संकल्प भी स्वीकार कराई। आचार्यश्री ने विद्यार्थियों को महाप्राण ध्वनि का प्रयोग कराया। आचार्यश्री ने समुपस्थित मुनि भव्यकीर्तिसागरजी को साधना का अच्छा क्रम चलाने की प्रेरणा प्रदान की। आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में चल रहे प्रेक्षाध्यान शिविर के समापन कार्यक्रम भी समायोजित हुआ। इसमें श्री सुनील गुलगुलिया, श्रीमती श्वेता पीपाड़ा व श्रीमती रेणु नाहटा ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी। इस संदर्भ में आचार्यश्री ने पावन आशीर्वाद प्रदान किया। जीवन विज्ञान दिवस के संदर्भ में उपस्थित विद्यार्थियों जीवन विज्ञान गीत का संगान किया। श्री संजय बोथरा ने अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के सातदिवसीय कार्यक्रम की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत किया। अणुव्रत समिति-सूरत के अध्यक्ष श्री विमल लोढ़ा ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी। भगवान महावीर इण्टरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। भगवान महावीर युनिवर्सिटि के प्रेसिडेंट श्री संजय जैन तथा अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के अध्यक्ष श्री अविनाश नाहर ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी।

अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह का अंतिम दिन जीवन विज्ञान दिवस के रूप में समायोजित….सुरेंद्र मुनोत, ऐसोसिएट एडिटर, Key Line Times वेसु, सूरत (गुजरात) , गुजरात राज्य के औद्योगिक शहर सूरत में जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अधिशास्ता, अहिंसा यात्रा प्रणेता, युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी का चतुर्मास अब भले ही पूर्णता की ओर अग्रसर हो रहा है, किन्तु सूरतवासियों की भक्तिभावना और मानों प्रबलता को प्राप्त हो रही है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु सूर्योदय से पूर्व ही अपने आराध्य की निकट सन्निधि में उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करते हैं, जो क्रम देर रात तक चलता रहता है। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से संघबद्ध रूप में अभी भी दर्शनार्थियों के आने का तांता लगा हुआ है। वर्तमान में पूरे विश्व में शक्ति की आराधना का महापर्व नवरात्र प्रारम्भ तो आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में आध्यात्मिक अनुष्ठान का क्रम गतिमान है। इस क्रम में सोमवार को भी युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी महावीर समवरण में उपस्थित भक्तिमान श्रद्धालु जनता को अपनी अमृतवाणी का रसपान कराने से पूर्व आध्यात्मिक अनुष्ठान से जोड़ा, जो क्रम लगभग आधे घंटे तक चला। तदुपरान्त अहिंसा यात्रा प्रणेता आचार्यश्री महाश्रमणजी ने समुपस्थित जनता को पावन प्रतिबोध प्रदान करते हुए कहा कि आयारो आगम में बताया गया है कि तुच्छ कौन होता है? जो नीच, हल्का अथवा जिसमें कमी होती है, वह तुच्छ होता है। जिस गृहस्थ के पास धन का अभाव होता है, वह तुच्छ हो सकता है तो दूसरी ओर जिस साधु में साधना की कमी होती है, वह तुच्छ हो सकता है। जो तुच्छ होता है, वह बोलने में भी ग्लानि का अनुभव करता है। तीर्थंकरों की आज्ञा का पालन नहीं करने वाला साधु तुच्छता की श्रेणी में आ जाता है। आचार का पालन करने वाले साधु की वाणी में भी मानों साधना मुखर होती है। ज्ञानी और साधक होना बहुत अच्छी बात होती है। इसके लिए यहां प्रेरणा दी गयी कि जीवन में सम्यक् ज्ञान के साथ सम्यक् आचार भी हो तो विशेष बात हो सकती है। ज्ञान, दर्शन, चारित्र और तप रूपी चतुरंगी मार्ग है, जिसे तीर्थंकरों ने प्राप्त किया है। ज्ञान से जानता है, दर्शन से श्रद्धा करता है, चारित्र से कर्मों का निग्रह करता है और तप से विशोधि करता है। सम्यक् ज्ञान, सम्यक् दर्शन, सम्यक् चारित्र मोक्ष का मार्ग है। अणुव्रत अनुशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी ने अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के अंतिम दिन उपस्थित जनता को प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि हमारे गुरुदेव आचार्यश्री तुलसी ने अणुव्रत आन्दोलन का शुभारम्भ किया था। उसका पचहत्तरवां वर्ष भी मना लिया गया है। आज अंतिम दिन जीवन विज्ञान दिवस के समायोजित है। यह शिक्षा जगत के लिए है। शिक्षा में ज्ञान बढे तो यह तो अच्छी बात होती ही है, इसके शिक्षा संस्कारों से युक्त हो तो बहुत ही सुन्दर बात हो सकती है। जीवन कैसे जीना, श्वास कैसे लेना, चलना, बोलना, बैठना, व्यवहार करना आदि सभी में कलात्मक रूप में हो। विद्यार्थियों में भाव और विचार अच्छे हों, इसका प्रयास हो। जीवन सादगी और संयम से युक्त हो। सद्विचार और सदाचार जीवन में आ गया तो जीवन का विज्ञान जीवन में आ सकता है। आचार्यश्री ने समुपस्थित विद्यार्थियों को सद्भावना, नैतिकता व नशामुक्ति की प्रेरणा देते हुए इनके संकल्प भी स्वीकार कराई। आचार्यश्री ने विद्यार्थियों को महाप्राण ध्वनि का प्रयोग कराया। आचार्यश्री ने समुपस्थित मुनि भव्यकीर्तिसागरजी को साधना का अच्छा क्रम चलाने की प्रेरणा प्रदान की। आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में चल रहे प्रेक्षाध्यान शिविर के समापन कार्यक्रम भी समायोजित हुआ। इसमें श्री सुनील गुलगुलिया, श्रीमती श्वेता पीपाड़ा व श्रीमती रेणु नाहटा ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी। इस संदर्भ में आचार्यश्री ने पावन आशीर्वाद प्रदान किया। जीवन विज्ञान दिवस के संदर्भ में उपस्थित विद्यार्थियों जीवन विज्ञान गीत का संगान किया। श्री संजय बोथरा ने अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के सातदिवसीय कार्यक्रम की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत किया। अणुव्रत समिति-सूरत के अध्यक्ष श्री विमल लोढ़ा ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी। भगवान महावीर इण्टरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने अपनी विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। भगवान महावीर युनिवर्सिटि के प्रेसिडेंट श्री संजय जैन तथा अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के अध्यक्ष श्री अविनाश नाहर ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी।

शेरगढ़ मुख्यालय पर किसान कौम के आराध्य लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज की नव निर्मित मूर्ति अनावरण…..मदाराम,जिला संवाददाता जोधपुर, Key Line Times शेरगढ, शेरगढ मे वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम के उपलक्ष में 12 अक्टूबर की शाम को आयोजित एक शाम वीर तेजाजी महाराज के नाम भजन संध्या व 13 अक्टूबर की सुबह मूर्ति अनावरण कार्यक्रम का पोस्टर विमोचन रालोपा सुप्रीमों व नागौर सांसद आदरणीय हनुमान जी बेनीवाल के नागौर उनके कर कमलों से किया गया|इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजन कमेटी के सदस्यों ने नेताजी को कार्यक्रम में पधारने का निमंत्रण दिया जो उन्होनें सहर्ष स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित होने का भरोसा दिलाया|

शेरगढ़ मुख्यालय पर किसान कौम के आराध्य लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज की नव निर्मित मूर्ति अनावरण…..मदाराम,जिला संवाददाता जोधपुर, Key Line Times शेरगढ, शेरगढ मे वीर तेजाजी महाराज की मूर्ति के अनावरण कार्यक्रम के उपलक्ष में 12 अक्टूबर की शाम को आयोजित एक शाम वीर तेजाजी महाराज के नाम भजन संध्या व 13 अक्टूबर की सुबह मूर्ति अनावरण कार्यक्रम का पोस्टर विमोचन रालोपा सुप्रीमों व नागौर सांसद आदरणीय हनुमान जी बेनीवाल के नागौर उनके कर कमलों से किया गया|इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजन कमेटी के सदस्यों ने नेताजी को कार्यक्रम में पधारने का निमंत्रण दिया जो उन्होनें सहर्ष स्वीकार करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित होने का भरोसा दिलाया|

सूरत के होमगार्ड्सों को शांतिदूत ने कराई संकल्पत्रयी…सुरेंद्र मुनोत, ऐसोसिएट एडिटर, Key Line Times वेसु, सूरत (गुजरात) , जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी की मंगल सन्निधि में रविवार को श्रद्धालु जनता के अलावा सूरत शहर के होमगार्ड्स के जवान भी काफी संख्या में उपस्थित थे। इसके बेंगलुरु से समागत ज्ञानशाला के ज्ञानार्थी भी उपस्थित थे। महावीर समवसरण में आचार्यश्री के मंगल महामंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। साध्वीवर्याजी ने जनता को किया सम्बोधित किया। नित्य की भांति युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी ने उपस्थित विशाल जनमेदिनी को आध्यात्मिक अनुष्ठान के अंतर्गत मंत्र जप का प्रयोग कराया। तदुपरान्त सिद्ध साधक आचार्यश्री महाश्रमणजी ने उपस्थित जनता को ‘आयारो’ आगम के दूसरे अध्ययन के माध्यम से पावन पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि दुनिया में धनवान व्यक्ति भी मिलते हैं और गरीब व्यक्ति भी मिलते हैं। कहीं विशाल अट्टालिकाएं होती हैं, कहीं झुग्गी-झोपड़ी तो कहीं कोई फुटपाथ पर भी सोने वाले देख सकते हैं। धनवत्ता व दरिद्रता एक दूसरे से विपरीत होती हैं। सधनता और निर्धनता सांसारिक संदर्भ में होती है। शास्त्रकार ने बताया है कि कौन दरिद्र होता होता और कौन धनवान होता है। साधु को तपोधन कहा गया है। साधु के लिए तप, योग, उपशम आदि साधु का धन होता है। निर्धन साधु वह होता है, जो आज्ञा में नहीं चलता है। तीर्थंकर की आज्ञा में नहीं चलने वाला साधु दरिद्र होता है। साधु के लिए आज्ञा है कि शब्द, कष्ट आदि सहन करो, निर्जरा करो, आहार का संयम हो। इस आज्ञा में चलने वाला साधु सधन साधु है और आज्ञा से दूर होने वाला साधु निर्धन और दरिद्र साधु हो जाता है। आदमी को अपने जीवन में स्वयं पर अनुशासन करने का प्रयास करना चाहिए। आदमी स्वयं को अनुशासित बनाएं। मन, वाणी और इन्द्रियों पर संयम है तो कल्याण की बात हो सकती है। संयम और तप से स्वयं को भावित बनाने वाला स्वयं का कल्याण कर सकता है। साधु की अकिंचनता ही उसका धन है। तपस्या साधु का धन होता है। अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के छठवा दिन अनुशासन दिवस के रूप में समायोजित था। इस संदर्भ में आचार्यश्री ने जनता को पावन पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि अनुशासन सभी के जीवन के लिए आवश्यक होती है। आदमी को स्वयं पर अनुशासन करने का प्रयास करना चाहिए, फिर दूसरों पर भी अनुशासन की बात हो सकती है। विद्यार्थियों के साथ कोई छोटा हो या बड़ा, सभी में अनुशासन होना चाहिए। निज पर शासन, फिर अनुशासन के सूत्र को आत्मसात करने का प्रयास होना चाहिए। अनुशासन को अपने जीवन में समुचित महत्त्व देने का प्रयास करना चाहिए। उपस्थित जनता को साध्वीप्रमुखाजी ने उद्बोधित किया। आज आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में सूरत के होमगार्ड्स काफी संख्या में पहुंचे हुए थे। होमगार्ड्स के आफिसर श्री सी.बी. बोहरा ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी और आचार्यश्री से पावन आशीर्वाद प्राप्त किया। श्री संजय बोथरा ने कार्यक्रम की जानकारी दी। आचार्यश्री ने उपस्थित होमगार्ड्स के जवानों को सद्भावना, नैतिकता की प्रेरणा देते हुए इनके संकल्प स्वीकार कराए। सौराष्ट्र से आए लोगों ने आचार्यश्री के दर्शन किए तो आचार्यश्री ने राजकोट में वर्धमान महोत्सव करने की घोषणा की। बेंगलुरु से समागत श्री माणकचंद संचेती ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी। बेंगलुरु ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने अपनी प्रस्तुति दी तथा ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं ने गीत का संगान किया। आचार्यश्री ने सभी को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।

सूरत के होमगार्ड्सों को शांतिदूत ने कराई संकल्पत्रयी…सुरेंद्र मुनोत, ऐसोसिएट एडिटर, Key Line Times वेसु, सूरत (गुजरात) , जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशमाधिशास्ता आचार्यश्री महाश्रमणजी की मंगल सन्निधि में रविवार को श्रद्धालु जनता के अलावा सूरत शहर के होमगार्ड्स के जवान भी काफी संख्या में उपस्थित थे। इसके बेंगलुरु से समागत ज्ञानशाला के ज्ञानार्थी भी उपस्थित थे। महावीर समवसरण में आचार्यश्री के मंगल महामंत्रोच्चार के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। साध्वीवर्याजी ने जनता को किया सम्बोधित किया। नित्य की भांति युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमणजी ने उपस्थित विशाल जनमेदिनी को आध्यात्मिक अनुष्ठान के अंतर्गत मंत्र जप का प्रयोग कराया। तदुपरान्त सिद्ध साधक आचार्यश्री महाश्रमणजी ने उपस्थित जनता को ‘आयारो’ आगम के दूसरे अध्ययन के माध्यम से पावन पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि दुनिया में धनवान व्यक्ति भी मिलते हैं और गरीब व्यक्ति भी मिलते हैं। कहीं विशाल अट्टालिकाएं होती हैं, कहीं झुग्गी-झोपड़ी तो कहीं कोई फुटपाथ पर भी सोने वाले देख सकते हैं। धनवत्ता व दरिद्रता एक दूसरे से विपरीत होती हैं। सधनता और निर्धनता सांसारिक संदर्भ में होती है। शास्त्रकार ने बताया है कि कौन दरिद्र होता होता और कौन धनवान होता है। साधु को तपोधन कहा गया है। साधु के लिए तप, योग, उपशम आदि साधु का धन होता है। निर्धन साधु वह होता है, जो आज्ञा में नहीं चलता है। तीर्थंकर की आज्ञा में नहीं चलने वाला साधु दरिद्र होता है। साधु के लिए आज्ञा है कि शब्द, कष्ट आदि सहन करो, निर्जरा करो, आहार का संयम हो। इस आज्ञा में चलने वाला साधु सधन साधु है और आज्ञा से दूर होने वाला साधु निर्धन और दरिद्र साधु हो जाता है। आदमी को अपने जीवन में स्वयं पर अनुशासन करने का प्रयास करना चाहिए। आदमी स्वयं को अनुशासित बनाएं। मन, वाणी और इन्द्रियों पर संयम है तो कल्याण की बात हो सकती है। संयम और तप से स्वयं को भावित बनाने वाला स्वयं का कल्याण कर सकता है। साधु की अकिंचनता ही उसका धन है। तपस्या साधु का धन होता है। अणुव्रत उद्बोधन सप्ताह के छठवा दिन अनुशासन दिवस के रूप में समायोजित था। इस संदर्भ में आचार्यश्री ने जनता को पावन पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि अनुशासन सभी के जीवन के लिए आवश्यक होती है। आदमी को स्वयं पर अनुशासन करने का प्रयास करना चाहिए, फिर दूसरों पर भी अनुशासन की बात हो सकती है। विद्यार्थियों के साथ कोई छोटा हो या बड़ा, सभी में अनुशासन होना चाहिए। निज पर शासन, फिर अनुशासन के सूत्र को आत्मसात करने का प्रयास होना चाहिए। अनुशासन को अपने जीवन में समुचित महत्त्व देने का प्रयास करना चाहिए। उपस्थित जनता को साध्वीप्रमुखाजी ने उद्बोधित किया। आज आचार्यश्री की मंगल सन्निधि में सूरत के होमगार्ड्स काफी संख्या में पहुंचे हुए थे। होमगार्ड्स के आफिसर श्री सी.बी. बोहरा ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी और आचार्यश्री से पावन आशीर्वाद प्राप्त किया। श्री संजय बोथरा ने कार्यक्रम की जानकारी दी। आचार्यश्री ने उपस्थित होमगार्ड्स के जवानों को सद्भावना, नैतिकता की प्रेरणा देते हुए इनके संकल्प स्वीकार कराए। सौराष्ट्र से आए लोगों ने आचार्यश्री के दर्शन किए तो आचार्यश्री ने राजकोट में वर्धमान महोत्सव करने की घोषणा की। बेंगलुरु से समागत श्री माणकचंद संचेती ने अपनी भावाभिव्यक्ति दी। बेंगलुरु ज्ञानशाला के ज्ञानार्थियों ने अपनी प्रस्तुति दी तथा ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं ने गीत का संगान किया। आचार्यश्री ने सभी को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया।

डा. मोहन भागवत ने कहा कि विश्व में भारत की प्रतिष्ठा देश के सबल होने से है….सतीश चन्द लुणावत, जिला संवाददाता अजमेर, Key Line Times *गांव, बस्ती, परिवार तक अच्छे आचरण का संदेश लेकर जाना है: डॉ मोहन भागवत* *पंच परिवर्तन से हर घर और हर बस्ती में परिवर्तन दिखाई दे: डॉ मोहन भागवत* *राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बाराँ नगर का स्वयंसेवक एकत्रीकरण सम्पन्न* बांरा सतीशचंद लुणावत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बाराँ नगर का स्वयंसेवक एकत्रीकरण शनिवार सायं कृषि उपज मण्डी में आयोजित हुआ। प्रवास के तीसरे दिन संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि स्वयंसेवक का बस्ती में सर्वत्र संपर्क हो। समाज को संबल देकर बस्ती के अभावो को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। समाज में सामाजिक समरसता, सामाजिक न्याय, सामाजिक आरोग्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन के लिए आग्रह रहना चाहिए। स्वयंसेवक गतिविधि कार्य में भी सक्रिय रहे। समाज की छोटी इकाई परिवार में समरसता-सद्भावना, पर्यावरण, कुटुम्ब प्रबोधन, स्वदेशी एवं नागरिक बोध को सहज बना सकते है। जीवन में छोटी-छोटी बातों को आचरण में लाने से समाज एवं राष्ट्र की उन्नति में बड़ा योगदान दिया जा सकता है। उन्होने कहा कि हिन्दु समाज को अपनी सुरक्षा के लिए भाषा, जाति, प्रांत के भेद व विवाद मिटाकर संगठित होना होगा। समाज ऐसा हो जहां संगठन, सद्भावना एवं आत्मीयता का व्यवहार हो। समाज में आचरण का अनुशासन, राज्य के प्रति कर्तव्य एवं ध्येय निष्ठ होने का गुण आवश्यक है। मैं व मेरा परिवार मात्र से समाज नहीं बनता, बल्कि हमें समाज की सर्वांगीण चिंता से अपने जीवन में भगवान को प्राप्त करना है। उन्होने कहा कि संघ कार्य यंत्रवत नहीं, बल्कि विचार आधारित है। संघ कार्य की तुलना योग्य कार्य विश्व में नहीं है। उपमा के तौर पर सागर सागर जैसा है, गगन गगन जैसा है, वैसा ही संघ भी संघ जैसा ही है। संघ की किसी से तुलना नहीं हो सकती। संघ से संस्कार गटनायक में जाते है, गटनायक से स्वयंसेवक और स्वयंसेवक से परिवार तक जाते है। परिवार से मिलकर समाज बनता है। संघ में व्यक्ति निर्माण की यही पद्धति है। डॉ मोहन भागवत ने कहा कि विश्व में भारत की प्रतिष्ठा अपने देश के सबल होने से है। सबल राष्ट्र के प्रवासियों की सुरक्षा भी तब ही जब उनका राष्ट्र सबल है। वरना निर्बल राष्ट्र के प्रवासियो को देश छोड़ने के आदेश दे दिये जाते है। भारत का बड़ा होना प्रत्येक नागरिक के लिए भी उतना ही आवश्यक है। उन्होने कहा कि भारत हिन्दू राष्ट्र है। प्राचीन समय से हम यहा रहते आये है, भले हिन्दू नाम बाद में आया। यहां रहने वाले भारत के सभी पंथो के लिए हिन्दु प्रयोग हुआ। हिन्दू जो सबको अपना मानते है और सबको स्वीकार करते है। हिन्दु कहता है हम भी सही और तुम भी अपनी जगह सही। आपस में निरंतर संवाद करते हुए सद्भाव से रहे। मंच पर सरसंघचालक डॉ मोहन राव भागवत के साथ, राजस्थान क्षेत्र संघचालक डॉ रमेश अग्रवाल, चित्तौड़ प्रांत संघचालक जगदीश सिंह राणा, बाराँ विभाग संघचालक रमेश चंद मेहता और बारां जिला संघचालक वैद्य राधेश्याम गर्ग उपस्थित रहे। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के मंच पर आते ही ध्वजारोहण हुआ। सभी स्वयंसेवकों ने सामूहिक सुभाषित, अमृत वचन और गीत उच्चारण किया। स्वयंसेवक एकत्रीकरण कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख अरूण जैन, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश चन्द्र, वरिष्ठ प्रचारक राजेन्द्र, क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम, क्षेत्र कार्यवाह जसवंत खत्री, क्षेत्र सेवा प्रमुख शिव लहरी सहभागी रहे। विभाग कार्यवाह ने प्रतिवेदन रखा। नगर कार्यवाह ने मंचासीन अतिथियों का विस्तृत परिचय करवाया। सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत के उद्बोधन के पूर्व नगर के स्वयंसेवक ने काव्यगीत “मैं जग में संघ बसाऊ” का गायन किया। उद्बोधन के पश्चात प्रार्थना हुई और शाखा विकीर हुई। नगर एकत्रीकरण में 3827 स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

डा. मोहन भागवत ने कहा कि विश्व में भारत की प्रतिष्ठा देश के सबल होने से है….सतीश चन्द लुणावत, जिला संवाददाता अजमेर, Key Line Times *गांव, बस्ती, परिवार तक अच्छे आचरण का संदेश लेकर जाना है: डॉ मोहन भागवत* *पंच परिवर्तन से हर घर और हर बस्ती में परिवर्तन दिखाई दे: डॉ मोहन भागवत* *राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बाराँ नगर का स्वयंसेवक एकत्रीकरण सम्पन्न* बांरा सतीशचंद लुणावत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बाराँ नगर का स्वयंसेवक एकत्रीकरण शनिवार सायं कृषि उपज मण्डी में आयोजित हुआ। प्रवास के तीसरे दिन संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि स्वयंसेवक का बस्ती में सर्वत्र संपर्क हो। समाज को संबल देकर बस्ती के अभावो को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। समाज में सामाजिक समरसता, सामाजिक न्याय, सामाजिक आरोग्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन के लिए आग्रह रहना चाहिए। स्वयंसेवक गतिविधि कार्य में भी सक्रिय रहे। समाज की छोटी इकाई परिवार में समरसता-सद्भावना, पर्यावरण, कुटुम्ब प्रबोधन, स्वदेशी एवं नागरिक बोध को सहज बना सकते है। जीवन में छोटी-छोटी बातों को आचरण में लाने से समाज एवं राष्ट्र की उन्नति में बड़ा योगदान दिया जा सकता है। उन्होने कहा कि हिन्दु समाज को अपनी सुरक्षा के लिए भाषा, जाति, प्रांत के भेद व विवाद मिटाकर संगठित होना होगा। समाज ऐसा हो जहां संगठन, सद्भावना एवं आत्मीयता का व्यवहार हो। समाज में आचरण का अनुशासन, राज्य के प्रति कर्तव्य एवं ध्येय निष्ठ होने का गुण आवश्यक है। मैं व मेरा परिवार मात्र से समाज नहीं बनता, बल्कि हमें समाज की सर्वांगीण चिंता से अपने जीवन में भगवान को प्राप्त करना है। उन्होने कहा कि संघ कार्य यंत्रवत नहीं, बल्कि विचार आधारित है। संघ कार्य की तुलना योग्य कार्य विश्व में नहीं है। उपमा के तौर पर सागर सागर जैसा है, गगन गगन जैसा है, वैसा ही संघ भी संघ जैसा ही है। संघ की किसी से तुलना नहीं हो सकती। संघ से संस्कार गटनायक में जाते है, गटनायक से स्वयंसेवक और स्वयंसेवक से परिवार तक जाते है। परिवार से मिलकर समाज बनता है। संघ में व्यक्ति निर्माण की यही पद्धति है। डॉ मोहन भागवत ने कहा कि विश्व में भारत की प्रतिष्ठा अपने देश के सबल होने से है। सबल राष्ट्र के प्रवासियों की सुरक्षा भी तब ही जब उनका राष्ट्र सबल है। वरना निर्बल राष्ट्र के प्रवासियो को देश छोड़ने के आदेश दे दिये जाते है। भारत का बड़ा होना प्रत्येक नागरिक के लिए भी उतना ही आवश्यक है। उन्होने कहा कि भारत हिन्दू राष्ट्र है। प्राचीन समय से हम यहा रहते आये है, भले हिन्दू नाम बाद में आया। यहां रहने वाले भारत के सभी पंथो के लिए हिन्दु प्रयोग हुआ। हिन्दू जो सबको अपना मानते है और सबको स्वीकार करते है। हिन्दु कहता है हम भी सही और तुम भी अपनी जगह सही। आपस में निरंतर संवाद करते हुए सद्भाव से रहे। मंच पर सरसंघचालक डॉ मोहन राव भागवत के साथ, राजस्थान क्षेत्र संघचालक डॉ रमेश अग्रवाल, चित्तौड़ प्रांत संघचालक जगदीश सिंह राणा, बाराँ विभाग संघचालक रमेश चंद मेहता और बारां जिला संघचालक वैद्य राधेश्याम गर्ग उपस्थित रहे। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के मंच पर आते ही ध्वजारोहण हुआ। सभी स्वयंसेवकों ने सामूहिक सुभाषित, अमृत वचन और गीत उच्चारण किया। स्वयंसेवक एकत्रीकरण कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख अरूण जैन, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश चन्द्र, वरिष्ठ प्रचारक राजेन्द्र, क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम, क्षेत्र कार्यवाह जसवंत खत्री, क्षेत्र सेवा प्रमुख शिव लहरी सहभागी रहे। विभाग कार्यवाह ने प्रतिवेदन रखा। नगर कार्यवाह ने मंचासीन अतिथियों का विस्तृत परिचय करवाया। सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत के उद्बोधन के पूर्व नगर के स्वयंसेवक ने काव्यगीत “मैं जग में संघ बसाऊ” का गायन किया। उद्बोधन के पश्चात प्रार्थना हुई और शाखा विकीर हुई। नगर एकत्रीकरण में 3827 स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

पूष्कर के जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई करें, निश्चित समय में काम हों…..सतीश चन्द लुणावत, जिला संवाददाता अजमेर, Key Line Times. राजस्थान, पुष्कर में उपखण्ड कार्यालय, मेला ग्राउण्ड एवं अन्नपूर्णा रसोई का निरिक्षण अजमेर, 5 अक्टूबर। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आमजन को राहत देने के लिए नियमित जनसुनवाई करें एवं तय समयावधि में काम हो। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करें। लम्बित प्रकरणों का त्वरित एवं तार्किक निस्तारण करें। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने शनिवार शाम को पुष्कर में उपखण्ड अधिकारी कार्यालय, मेला ग्राउंड एवं अन्नपूर्णा रसोई का निरीक्षण किया। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आमजन को राहत देने के लिए पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करें। उनकी समस्याओं को सुनकर तय समय सीमा में राहत प्रदान करें। अधिकारी नियमित एवं निश्चित समय पर जन सुनवाई करें ताकि आमजन अपनी समस्याएं उन्हें बता सके। जन सुनवाई में प्राप्त परिवादों को तार्किक समाधान हो। विभिन्न स्तर के राजस्व न्यायालयों में जितने वाद एवं प्रकरण लम्बित हैं, उनका समयबद्ध निराकरण किया जाए। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने उपखण्ड अधिकारी से उपखण्ड स्तर पर पेंडेंसी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कार्यालय में प्राप्त होने वाले परिवादों के निस्तारण के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का भी निरीक्षण कर कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने रिकॉर्ड भी चैक किया। उन्होंने राजस्व सम्बन्धी कामकाज, परिवादों का निस्तारण के बारे में जानकारी ली। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि समस्याएं लेकर आने वाले शहरी व ग्रामीण नागरिकों की परिवेदना पर तुरन्त एक्शन हो, उन्हें राहत मिले। जिला कलक्टर ने मेला ग्राउंड का निरीक्षण कर नवम्बर में आयोजित होने वाले अन्र्तराष्ट्रीय श्री पुष्कर पशु मेला 2024 की तैयारियों पर चर्चा की। नवीन मेला मैदान में पशुपालकों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के बारे में अधिकारियों के साथ चर्चा की। ब्रह्मा मंदिर में दर्शनार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही लिफ्ट कार्य का निरीक्षण भी किया। जिला कलक्टर ने होलीका चौक स्थित अन्नपूर्णा रसोई का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने निर्देश दिए कि भोजन में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी श्री गौरव मित्तल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

पूष्कर के जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई करें, निश्चित समय में काम हों…..सतीश चन्द लुणावत, जिला संवाददाता अजमेर, Key Line Times. राजस्थान, पुष्कर में उपखण्ड कार्यालय, मेला ग्राउण्ड एवं अन्नपूर्णा रसोई का निरिक्षण अजमेर, 5 अक्टूबर। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आमजन को राहत देने के लिए नियमित जनसुनवाई करें एवं तय समयावधि में काम हो। राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करें। लम्बित प्रकरणों का त्वरित एवं तार्किक निस्तारण करें। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने शनिवार शाम को पुष्कर में उपखण्ड अधिकारी कार्यालय, मेला ग्राउंड एवं अन्नपूर्णा रसोई का निरीक्षण किया। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आमजन को राहत देने के लिए पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित करें। उनकी समस्याओं को सुनकर तय समय सीमा में राहत प्रदान करें। अधिकारी नियमित एवं निश्चित समय पर जन सुनवाई करें ताकि आमजन अपनी समस्याएं उन्हें बता सके। जन सुनवाई में प्राप्त परिवादों को तार्किक समाधान हो। विभिन्न स्तर के राजस्व न्यायालयों में जितने वाद एवं प्रकरण लम्बित हैं, उनका समयबद्ध निराकरण किया जाए। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने उपखण्ड अधिकारी से उपखण्ड स्तर पर पेंडेंसी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कार्यालय में प्राप्त होने वाले परिवादों के निस्तारण के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का भी निरीक्षण कर कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने रिकॉर्ड भी चैक किया। उन्होंने राजस्व सम्बन्धी कामकाज, परिवादों का निस्तारण के बारे में जानकारी ली। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि समस्याएं लेकर आने वाले शहरी व ग्रामीण नागरिकों की परिवेदना पर तुरन्त एक्शन हो, उन्हें राहत मिले। जिला कलक्टर ने मेला ग्राउंड का निरीक्षण कर नवम्बर में आयोजित होने वाले अन्र्तराष्ट्रीय श्री पुष्कर पशु मेला 2024 की तैयारियों पर चर्चा की। नवीन मेला मैदान में पशुपालकों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के बारे में अधिकारियों के साथ चर्चा की। ब्रह्मा मंदिर में दर्शनार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही लिफ्ट कार्य का निरीक्षण भी किया। जिला कलक्टर ने होलीका चौक स्थित अन्नपूर्णा रसोई का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने निर्देश दिए कि भोजन में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी श्री गौरव मित्तल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सिख समाज द्वारा सहज सेवा के अंतर्गत 239 बॉलपेन वितरित किये गए….. बिजयनगर सतीशचंद लुणावत,जिला संवाददाता अजमेर, Key Line Times सिख समाज द्वारा ध्यान में रखते हुए सहज सेवा के अंतर्गत महात्मा गांधी गवर्नमेंट स्कूल इंग्लिश स्कूल कृषि मंडी बिजयनगर जिला ब्यावर में विद्यार्थियों को 239 बॉल पेन वितरित की गई। इस अवसर पर बिजयनगर अमरजीत सिंह ने अरदास कर इस सेवा की शुरुवात की और इस सेवा में सिख समाज पूर्व पार्षद गुरुभेज सिंह टुटेजा, राजन सिंह टुटेजा, रामस्वरूप दाधीच,आलोक पवार, संदेश मेवाड़ा ,राजवीर सिंह राठौड़ ,सुमन सिंह चौहान, रजत कुमावत, रवि राजपुरोहित, कुलदीप सिंह शेखावत,अंकित दाधीच,सौरभ राजपुरोहित, नवनीत सिंह टुटेजा अपना योगदान दे रहे हैं पूर्व पार्षद गुरुभेज सिंह टुटेजा ने बताया कि यह सेवा अनवरत जारी रहेगी !

सिख समाज द्वारा सहज सेवा के अंतर्गत 239 बॉलपेन वितरित किये गए….. बिजयनगर सतीशचंद लुणावत,जिला संवाददाता अजमेर, Key Line Times सिख समाज द्वारा ध्यान में रखते हुए सहज सेवा के अंतर्गत महात्मा गांधी गवर्नमेंट स्कूल इंग्लिश स्कूल कृषि मंडी बिजयनगर जिला ब्यावर में विद्यार्थियों को 239 बॉल पेन वितरित की गई। इस अवसर पर बिजयनगर अमरजीत सिंह ने अरदास कर इस सेवा की शुरुवात की और इस सेवा में सिख समाज पूर्व पार्षद गुरुभेज सिंह टुटेजा, राजन सिंह टुटेजा, रामस्वरूप दाधीच,आलोक पवार, संदेश मेवाड़ा ,राजवीर सिंह राठौड़ ,सुमन सिंह चौहान, रजत कुमावत, रवि राजपुरोहित, कुलदीप सिंह शेखावत,अंकित दाधीच,सौरभ राजपुरोहित, नवनीत सिंह टुटेजा अपना योगदान दे रहे हैं पूर्व पार्षद गुरुभेज सिंह टुटेजा ने बताया कि यह सेवा अनवरत जारी रहेगी !

वर्द्धमान डांडिया नाइट 8 अक्टूबर 2024 को…. सतीशचंद लुणावत , जिला संवाददाता अजमेर,Key Line Times, ब्यावर जिले का सुप्रसिद्ध एवं बहुप्रतीक्षित सतरंगी रोशनी, देवी की भक्ति और ढेर सारी मस्ती के साथ *वर्द्धमान कॉलेज का गरबा महोत्सव आगामी 8 अक्टूबर 2024, मंगलवार को सांय 06 बजे आयोजित होने जा रहा है।* श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित श्री वर्द्धमान कन्या पी जी महाविद्यालय में केवल छात्राओं एवं जिले की महिलाओं के लिए हर वर्ष शारदीय नवरात्रा में एक दिवसीय गरबा का आयोजन किया जाता है इस आयोजन में रंग – बिरंगे एवं पारंपरिक परिधानों में सजी छात्राओं व महिलाओ द्वारा अपनी शानदार गरबा प्रस्तुतियां दी जाती है। महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ. आर. सी. लोढ़ा ने बताया कि इस आयोजन में विभिन्न प्रतियोगिताएं एक ताली गरबा, पाचिया गरबा आदि आयोजित कर प्रतिभागियों में से डांडिया क्वीन, बेस्ट कपल, बेस्ट ड्रेस आदि का भी चयन किया जाता है।

वर्द्धमान डांडिया नाइट 8 अक्टूबर 2024 को…. सतीशचंद लुणावत , जिला संवाददाता अजमेर,Key Line Times, ब्यावर जिले का सुप्रसिद्ध एवं बहुप्रतीक्षित सतरंगी रोशनी, देवी की भक्ति और ढेर सारी मस्ती के साथ *वर्द्धमान कॉलेज का गरबा महोत्सव आगामी 8 अक्टूबर 2024, मंगलवार को सांय 06 बजे आयोजित होने जा रहा है।* श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित श्री वर्द्धमान कन्या पी जी महाविद्यालय में केवल छात्राओं एवं जिले की महिलाओं के लिए हर वर्ष शारदीय नवरात्रा में एक दिवसीय गरबा का आयोजन किया जाता है इस आयोजन में रंग – बिरंगे एवं पारंपरिक परिधानों में सजी छात्राओं व महिलाओ द्वारा अपनी शानदार गरबा प्रस्तुतियां दी जाती है। महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ. आर. सी. लोढ़ा ने बताया कि इस आयोजन में विभिन्न प्रतियोगिताएं एक ताली गरबा, पाचिया गरबा आदि आयोजित कर प्रतिभागियों में से डांडिया क्वीन, बेस्ट कपल, बेस्ट ड्रेस आदि का भी चयन किया जाता है।

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