सत्यपाल सिंह
डिस्ट्रिक्ट सब ब्यूरो चीफ ,
की लाइन टाइम्स,
नोएडा ,
(गौतमबुद्ध नगर )
*जब इरादे मजबूत हों, तो मंज़िल आसान हो जाती है।*
*दिल में मेहनत और विश्वास की भावना हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।*
डॉ. गजेंद्र पोसवाल -गांव नवीपुर अमानत नगर ,तहसील मवाना ,जनपद मेरठ के किसान परिवार से निकलकर दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बने
।
उन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पर शोध करते हुए कम लागत वाला उपचार विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जो राष्टीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत सराहे गए ।
उनके इस महत्वपूर्ण शोध पर अब तक लगभग 20 से अधिक शोध-पत्र और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में अनेक लेख प्रकाशित हो चुके हैं।
डॉ. गजेंद्र पोसवाल वर्तमान में देश के प्रतिष्ठित दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी।
सन् 1998 में उन्होंने ऑर्गेनिक केमिस्ट्री में मास्टर डिग्री पूरी की और फिर डॉक्टरेट किया । बड़ी बात ये है उन्होंने आज तक अपने कॉलेज मित्रो के साथ संवाद करना बरकरार रखा ,इतनी ऊँचाइयों पर पहुँचने के बाद भी उन्होंने कॉलेज मित्रो से वो ही मित्रता का व्यवहार किया जो वो कॉलेज समय में रखते थे । कॉलेज की पढ़ाई के बाद उन्होंने दिल्ली में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्य किया। आगे चलकर वे देश बंधु कालेज दिल्ली विश्व विधालय में प्रोफ़ेसर बने ।
अपने शोध, परिश्रम और समर्पण के कारण उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया और आज वे अनेक विद्यार्थियों एवं युवा वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
आज गजेंद्र जी नोएडा के सेक्टर 93 में रहते है उनकी सादगी और मित्रता की मिशाल उनके सभी कॉलेज मित्र उनकी बड़ी सराहना करते है उनका कहना है कि डॉक्टर गजेंद्र पोसवाल आज भी इतनी व्यस्तता के बाद भी अपने कॉलेज मित्रो से रोज एक बार जरूर बात करते है जो एक मित्रता की मिशाल है ।

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