
सुरेंद्र मुनोत, ऐसोसिएट एडिटर
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रानी गांव, डीडवाना-कुचामण (राजस्थान) ,जन-जन के मानस को आध्यात्मिक अभिसिंचन प्रदान करने वाले जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के ग्यारहवें अनुशास्ता, अखण्ड परिव्राजक आचार्यश्री महाश्रमणजी ने प्रातःकाल मनाना ने गतिमान हुए। मार्ग में स्थान-स्थान पर उपस्थित ग्रामीण जनता को सहज ही मानवता के मसीहा के दर्शन करने व मंगल आशीष प्राप्त करने का सुअवसर मिल गया। लगभग 15 किलोमीटर का विहार कर महातपस्वी आचार्यश्री महाश्रमणजी रानीगांव में पधारे तो रानी गांववासियों व विद्यार्थियों ने आचार्यश्री का भावभीना स्वागत किया। आचार्यश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पधारे।
विद्यालय परिसर में आयोजित मंगल प्रवचन कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं को शांतिदूत आचार्यश्री महाश्रमणजी ने पावन पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि अज्ञान एक कष्ट है। पाप तो कई हैं, किन्तु इन पापों से भी ज्यादा खराब अज्ञानता होती है। जिस आदमी में ज्ञान होता है तो वह अन्य पापों से तो अपना बचाव भी कर सकता है, किन्तु ज्ञान ही नहीं हो तो भला कोई कितना पापों से बच सकता है। जिसमें अज्ञानता है, वह तो मानों उसका जीवन अंधकारमय ही होता है। यह अंधकार एक प्रकार का अभिशाप है। इस अंधकार में चलने वाले आदमी को अपना भला, बुरा, कर्त्तव्य-अकर्त्तव्य, धर्म-अधर्म, पाप-पुण्य आदि का कोई भान ही नहीं होता। इसलिए शिक्षा संस्थान, विद्या संस्थान, विद्यालयों आदि के माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान देने का प्रयास किया जाता है। विद्या की देवी सरस्वती की आराधना विद्या संस्थानों में होती है। ज्ञान एक पवित्र चिज होती है। ज्ञान अनेक विषयों का भी होता है। अनेक भाषाओं का ज्ञान भी ज्ञान है।
एक प्रकार की विद्या अध्यात्मिक विद्या भी होती है। आदमी को धर्म, अध्यात्म का ज्ञान हो जाए और कभी सम्यक्त्व की प्राप्ति हो जाए तो इससे बड़ा कोई रत्न ही नहीं हो सकता। हालांकि सम्यक्त्व की प्राप्ति सबके लिए संभव नहीं हो भी तो भी आदमी को ज्ञान का विकास करते रहने का प्रयास करना चाहिए। आदमी को ज्ञान के साथ-साथ चारित्र की शिक्षा भी दी जाए। कोरा ज्ञान नहीं, उसके साथ आचरण भी अच्छा हो जाए तो पूर्णता की बात हो सकती है। इस मानव जीवन को दुर्लभ कहा गया है। यह वर्तमान में हम सभी के लिए सुलभ बना हुआ है। इस मानव जीवन में ज्ञान को ग्रहण करने का प्रयास करना चाहिए। ज्ञान के अनुसार अच्छा आचरण हो तो जीवन अच्छा हो सकता है। यहां के लोगों में भी अच्छी धार्मिक भावना बनी रहे।
रानी गांव की ओर से ठाकुर श्री नरेन्द्रसिंह, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की ओर से श्री रामावतार शर्मा ने अपनी श्रद्धाभिव्यक्ति दी।
छोटी खाटू में आयोजित 162वें मर्यादा महोत्सव के लिए जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के वर्तमान अधिशास्ता, आचार्यश्री महाश्रमणजी अपनी धवल सेना के साथ 20 जनवरी को दोपहर 1.15 बजे छोटी खाटू में बने मर्यादा महोत्सव स्थल में मंगल प्रवेश करेंगे। इसे लेकर छोटी खाटूवासियों का उत्साह अपने चरम पर है। तेरापंथ धर्मसंघ के महाकुम्भ के रूप में ख्यापित मर्यादा महोत्सव का आयोजन प्राप्त कर छोटी खाटू का जन-जन प्रमुदित है।

