
गुजरात,आहवा-डांग
डांग जिले के सरहद से जुड़े महाराष्ट्र राज्य के नासिक जिले के सुरगाणा तालुका के खेड़खोपड़ा गांव की एक महिला जो गुम हो गई थी, उसे डांग जिले के आहवा तालुका के सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम ने सौहार्दपूर्वक उसके परिवार से मिलवाया।
प्राप्त विवरण के अनुसार गत 5 जुलाई को रात्रि लगभग 8:30 बजे गांव सुरगाणा में एक भूली हुई महिला को 181-महिला हेल्पलाइन (अभयम) द्वारा सखी वन स्टॉप सेंटर-आहवा लाया गया।
जहां महिला को केंद्र में आश्रय दिया गया और परामर्श करने पर, शुरुआत में वह वलसाड के डूंगरी गांव की निवासी हैं ऐसा बताया गया। तो केंद्र के कर्मचारियों ने इस मामले में वलसाड पुलिस स्टेशन से संपर्क किया, महिला के अभिभावकों की जांच की और डूंगरी गांव में रहने वाले व्यक्तियों से बात की, तो पता चला कि महिला बिलीमोरा की है।तो बिलीमोरा में भी इस महिला का कोई अभिभावक वारिस केंद्र के कर्मचारियों को नहीं मिला।
इसके बाद केंद्र को महिला के ससुराल वांसदा तालुका के गुंही गांव के होने पर वहां के पाटिल से संपर्क किया। और वहां भी जांच करने पर पता चला कि महिला सुरगाणा तालुका के खेड़खोपड़ा गांव की रहने वाली है,तब सेंटर के स्टाफ द्वारा महिला के परिवार से संपर्क किया गया।
इसके बाद महिला के पति ने कहा कि वह स्वयं महिला को लेने सेंटर आएगा। दिनांक 10/7/2023 को आश्रित महिला को उसकी सास व बड़ी बहन सखी वन स्टॉप सेंटर पर लेने आईं। और महिला को सही सलामत देखकर खुशी और प्रसन्नता व्यक्त की। अत: दोनों पक्षों की सहमती एवं समज से इस आश्रित महिला को उसके गांव खेड़खोपड़ा भेजने की कार्यवाही पुलिस की उपस्थिति में केन्द्र के कर्मचारियों द्वारा की गई।
इस प्रकार,आश्रित महिला के परिवार ने अपनी सास के साथ अपना घर फिर से बसाया। और आश्रित महिला के परिवार वालों ने डांग जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत सखी वन स्टॉप का आभार व्यक्त किया।

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