लंबित एरियर की राशि ₹10,73,000 (दस लाख तिहत्तर हजार रुपये) श्रीमती रुख देवी के बैंक खाते में जमा हो गई।
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शेरगढ़, 2 जुलाई। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय शेरगढ़ की पहल से वीर सैनिक की विधवा को मिले ₹10.73 लाख के एरियर
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कहते हैं कि न्याय मिलने में देर हो सकती है, लेकिन यदि संवेदनशील प्रशासन, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास साथ हों तो वर्षों से बंद पड़े रास्ते भी खुल जाते हैं। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय शेरगढ़ ने ऐसा ही एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए लगभग दो दशकों से लंबित एक अत्यंत जटिल पेंशन प्रकरण का सफल समाधान कर वीर सैनिक के परिवार को उनका अधिकार दिलाया है।
ग्राम देवीगढ़ (ग्राम पंचायत साई), तहसील शेरगढ़ निवासी हवलदार घेवर राम मेघवाल, जिन्होंने भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट (तोपखाना) में वर्ष 1972 से 1994 तक लगभग 22 वर्षों तक राष्ट्र की सेवा की, सेवा के अंतिम वर्षों में मानसिक अस्वस्थता से ग्रसित हो गए थे। इसी कारण उन्हें समय से पूर्व सेना से घर लौटना पड़ा।
मानसिक स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें प्रारंभिक पेंशन स्वीकृत कराने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। वर्ष 2005 में वे आवश्यक जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके, जिससे उनकी पेंशन बंद हो गई। उपचार के बाद वर्ष 2010 में जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत होने पर पेंशन पुनः प्रारंभ हुई। बाद में वर्ष 2016 में मानसिक स्थिति पुनः बिगड़ने के कारण वे घर से लापता हो गए और कई वर्षों बाद वापस लौटे। दुर्भाग्यवश वर्ष 2021 में उनका निधन हो गया।
निधन के पश्चात उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रुख देवी को पारिवारिक पेंशन तो स्वीकृत हो गई, किंतु वर्ष 2005 से 2010 तथा 2016 से 2021 के बीच लंबित पेंशन एरियर का भुगतान नहीं हो सका। परिवार वर्षों तक विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाता रहा, लेकिन समाधान नहीं मिला और धीरे-धीरे उन्हें उम्मीद भी समाप्त होती दिखाई देने लगी।
इसी दौरान जिला सैनिक कल्याण कार्यालय शेरगढ़ की वर्तमान टीम ने इस पुराने और अत्यंत जटिल प्रकरण को प्राथमिकता से हाथ में लिया। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल (डॉ.) बलदेव सिंह ‘मानव’ के निर्देशन में प्रकरण की प्रत्येक फाइल, दस्तावेज़ और अभिलेख का सूक्ष्म अध्ययन किया गया। संबंधित अधिकारियों को अनेक पत्र, डी.ओ. लेटर तथा आवश्यक पत्राचार भेजा गया, लगातार दूरभाष पर समन्वय किया गया तथा पूरे प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग की गई। परिवार को भी समय-समय पर कार्यालय बुलाकर आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया गया।
इन सतत प्रयासों का परिणाम यह रहा कि 1 जुलाई को नया पी.पी.ओ. जारी हुआ और लंबित एरियर की राशि ₹10,73,000 (दस लाख तिहत्तर हजार रुपये) श्रीमती रुख देवी के बैंक खाते में जमा हो गई।
मीडिया से बातचीत के दौरान श्रीमती रुख देवी एवं उनके परिवारजनों ने भावुक होकर कहा कि वे पिछले कई वर्षों से अपने अधिकार के लिए लगातार प्रयास कर रहे थे, लेकिन सफलता नहीं मिली। वर्तमान जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल (डॉ.) बलदेव सिंह ‘मानव’ ने उनकी पूरी बात धैर्यपूर्वक सुनी, प्रत्येक तथ्य को गंभीरता से दर्ज किया और प्रकरण को अंत तक पहुँचाने के लिए व्यक्तिगत स्तर पर निरंतर प्रयास किए। परिवार ने जिला सैनिक कल्याण कार्यालय की पूरी टीम—संदीप शर्मा, ढुंगर सिंह इंदा, सुगना राम, घेवर राम भील, कैलाश एवं विष्णु—का भी हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर प्रगति की कामना की।
इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने कहा कि प्रत्येक पूर्व सैनिक, वीरांगना एवं उनके आश्रितों का वैधानिक अधिकार उन्हें दिलाना कार्यालय की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी पूर्व सैनिक या वीरांगना का पेंशन, एरियर अथवा अन्य कोई वैधानिक प्रकरण वर्षों से लंबित है तो वे निराश न हों। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय शेरगढ़ उनके साथ पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है तथा हर संभव प्रयास कर उन्हें उनका अधिकार दिलाने के लिए संकल्पित है।
यह केवल ₹10.73 लाख का भुगतान नहीं, बल्कि एक सैनिक परिवार के विश्वास, सम्मान और अधिकार की पुनर्स्थापना है।
जनहित में अपील
यदि किसी पूर्व सैनिक, वीरांगना अथवा उनके आश्रित का पेंशन, एरियर, पारिवारिक पेंशन या अन्य सैनिक कल्याण संबंधी कोई मामला वर्षों से लंबित है, तो निराश न हों। आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला सैनिक कल्याण कार्यालय शेरगढ़ से संपर्क करें। आपका अधिकार सुरक्षित है और उसे दिलाने के लिए कार्यालय पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

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