
रामदेव सजनाणी, राष्ट्रीय संवाददाता
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राजस्थान,आऊ के गोरछिया बेरा गांव में एक बेटे ने अपने प्यार और समर्पण का उदाहरण पेश किया है। हरीश डूडी ने अपनी मां को किडनी देकर न केवल उनकी जिंदगी बचा ली, बल्कि अपने परिवार के लिए एक नया अध्याय भी लिख दिया।हरीश के इस कदम को गांव वालों ने भी सराहा है और उन्हें एक सच्चा बेटा बताया है। हरीश का कहना है कि मां की सेवा करना उनका सबसे बड़ा धर्म है और वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उनकी वजह से उनकी मां को नई जिंदगी मिली है।अहमदाबाद में हुए सफल ऑपरेशन के बाद मां और बेटा दोनों स्वस्थ हैं। डॉक्टर सोनल दलाल और केतन शुक्ला की टीम ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया है।इस खबर से हमें यह सीखने को मिलता है कि एक बेटे का प्यार और समर्पण किसी भी मुश्किल को पार कर सकता है।

प्रचार थमा, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रवासी प्रभारी की जिम्मेदारी से संगठनात्मक कार्य पूर्ण किए। 