

गुजरात, आहवा तालुका के चिंचली गांव के पास वर्ली मटका जुआ अड्डा चलाने वाले गिरोह सक्रिय हो गए हैं चौंकाने वाली जानकारी मिली है कि यहां संचालित वर्ली-मटका के ठेले अब बिंदास चला रहे हैं।
चिंचली गांव के पास वर्ली-मटका जुए का अड्डा बन गया है। जब स्थानीय पुलिस को इस मामले की भनक तक नहीं हो ऐसा तो नहीं हो सकता ।जुए के अड्डों पर बड़ी संख्या में आस-पास के गांवों के लोग जुआ खेलने के लिए जमा होते हैं। साथ ही स्थानीय जागरूक नागरिकों के अनुसार यहां वर्ली मटका जुआ ऐसे लोगों द्वारा खेला जा रहा है जो पूर्व में कई बार वर्ली मटका अपराध में शामिल रहे हैं और पूर्व में भी ऐसे वर्ली मटका जुआ कारोबार में कई बार पकड़े गए हैं।
ऐसा नहीं है कि स्थानीय पुलिस कार्रवाई नहीं करती है, वर्ली-मटका में सार्वजनिक रूप से जुआ खेलने वालों को गिरफ्तार किया जाता है और माल के साथ मुकदमा चलाया जाता है, लेकिन कार्रवाई एक या दो दिन में होती और बाद में आरोपी को जमानत मिल जाती है।आरोपी वर्ली-मटका जुआ में पकड़े गए आरोपियों पर भी कार्रवाई दिखावा के रूप में तो होती और आरोपियों के खिलाफ कारण बताओ कार्रवाई की जाती है और जमानत मिलने के बाद कुछ दिनों के ब्रेक के बाद वे वर्ली मटका जुए का कारोबार फिर से शुरू करते हैं।
डांग जिले में मुख्य रूप से लोग अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए खेती और मजदूरी करते हैं।वर्ली मटका के जुए में कई लोगों की जिंदगी बर्बाद हो चुकी है।लोगों से मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय पुलिस से लेकर राज्य की निगरानी तक जुआ गिरोह टीम भी उन पर मेहरबान होती दिख रही है, अब देखना यह है कि डांग जिला पुलिस इन जुआरियों पर कानूनी कार्रवाई करती है या कुच लेन~देन करके प्रोत्साहित करती है..?



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